अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि अस्मिता लीग से भारत के ओलंपिक पदक तालिका को बढ़ावा मिलेगा

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अस्मिता एथलेटिक्स लीग का आयोजन तीन अलग-अलग दौड़ श्रेणियों – 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर – में 13 वर्ष से कम, 13 से 18 वर्ष और 18 से अधिक आयु वर्ग की लड़कियों के लिए देशभर के 250 स्थानों पर किया गया

श्रीमती रक्षा खडसे ने कहा, “हर जिला खेलों में सक्रिय हो, हर बेटी आत्मविश्वास से भरी हो और फिटनेस एक राष्ट्रीय आदत बन जाए”

08 MAR 2026 1:24PM Released by PIB Delhi

छत्रपति संभाजी नगर, 8 मार्च : युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने रविवार को कहा कि ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों और अन्य बहु-विषयक स्पर्धाओं में भारत के पदकों की संख्या में तभी सुधार हो सकता है जब खेलों में महिलाओं की भागीदारी में कई गुना वृद्धि हो।

श्रीमती खडसे ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में छत्रपति संभाजीनगर स्थित गरखेड़ा स्थित संभागीय खेल परिसर में अस्मिता (महिलाओं को प्रेरित कर खेलों में नई उपलब्धियां हासिल करने की पहल करना) कार्यक्रम के अंतर्गत उपमहाद्वीप के 250 स्थानों पर राष्ट्रव्यापी एथलेटिक्स लीग के शुभारंभ के दौरान यह बात कही।

माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री ने अस्मिता बैनर के अंतर्गत योगा, वुशु, किकबॉक्सिंग और भारोत्तोलन लीग का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, उन्होंने साइक्लोथॉन और वॉकथॉन को झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनका आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) छत्रपति संभाजीनगर द्वारा माई भारत, छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम और महाराष्ट्र राज्य खेल विभाग के सहयोग से फिटनेस, खेल में भागीदारी और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

श्रीमती रक्षा खडसे ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने में अस्मिता को उत्प्रेरक बताते हुए कहा, “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें याद दिलाता है कि महिलाओं के अधिकार, गरिमा और समान अवसर न केवल एक सामाजिक आवश्यकता हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव भी हैं। महिलाओं को अवसर प्रदान करके पूरा समाज सशक्त होता है। यही हम अस्मिता के माध्यम से कर रहे हैं, जिसे 2021 में हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुभारंभ किया गया था।”

“अस्मिता हमें ग्रामीण, आदिवासी और स्कूली स्तर की पृष्ठभूमि से प्रतिभाओं को पहचानने में मदद कर रही है। जब भागीदारी बढ़ती है, तो प्रतिभाओं में भी वृद्धि होती है, प्रतियोगिता का स्तर ऊंचा होता है और फिर पदकों की संख्या में भी सुधार होता है। अगर अधिक महिलाएं खेलों में भाग लेना शुरू कर दें, तो हम बड़े आयोजनों में अपने प्रदर्शन में सुधार कर पाएंगे। इसलिए, अस्मिता एक तरह से ओलंपिक जैसे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदकों की संख्या बढ़ाने में उत्प्रेरक का काम कर रही है।”

अब तक, अस्मिता लीग में 2600 लीगों में 33 खेलों में लगभग 3 लाख महिलाओं ने भाग लिया। 2025-26 में, लगभग 1.59 लाख महिलाएं पहले ही 1287 लीगों में भाग ले चुकी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, देश भर के 250 स्थानों पर 13 वर्ष से कम, 13 से 18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की लड़कियों के लिए 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर की तीन अलग-अलग दौड़ श्रेणियों में अस्मिता एथलेटिक्स लीग का आयोजन किया गया। एक दिवसीय इस आयोजन में कुल 2 लाख लड़कियों ने भाग लिया, जिसका संचालन माई भारत, खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी), एसएआई इकोसिस्टम और एनसीओई, राज्य और जिला खेल संघों के साथ-साथ जिला युवा अधिकारियों (डीवाईओ) के सहयोग से किया गया।

श्रीमती खडसे ने कहा, “हर जिले को खेलों में सक्रिय बनाना है, हर बेटी को आत्मविश्वास से भरपूर बनाना है और फिटनेस को राष्ट्रीय आदत बनाना है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, माई भारत और अस्मिता के माध्यम से हम एक मजबूत, स्वस्थ और सशक्त भारत का निर्माण कर रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि के अंतर्गत, भारत का खेल तंत्र लगातार अधिक समावेशी और महिला-केंद्रित होता जा रहा है।”

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